सरोकार सम्मलेन 9 अप्रैल-2017

सरोकार सम्मलेन

समाज सेवा में कार्यरत श्री अनिल चंद, (“सरोकार” संस्था के वर्तमान अध्यक्ष) ग्राम - ऐराड़ी एवं सहयोगी श्री रघुनाथ सिंह चंद, श्री धनी राम, श्री पीताम्बर पसबोला श्री कर्मवीर सिंह रावत एवं श्रीमती मीना चंद के आवाहन पर गत 9 अप्रैल-2017 (रविवार) के दिन “स्काई पब्लिक स्कूल पालीखाल (सबदरखाल)”, पौड़ी में क्षेत्रीय जनता के साथ एक ऐतिहासिक सम्मलेन का आयोजन किया गया. सम्मलेन के मुख्य उद्धेश्य पर्वतीय मूलभूत समस्याओं के निराकरण, शिक्षा के स्तर में विकास, पहाड़ों से पलायन रोकने के उपाय, स्वरोजगार के संसाधन जुटाना, समाज में फैली विषंगतियों की रोकथाम, कौशल विकास, पर्यटन क्षेत्र में बढ़ावा आदि मुद्दों पर सहभागिता से प्रगति मार्ग प्रशस्त करना था. सभा में उमड़े जन सैलाब में सभीआयुवर्ग विशेषकर युवा और महिलाओं की तादात देखकर स्पष्ट था कि हर नागरिकउपरोक्त विषयों पर विमर्श कर विकास की ओर अग्रसर होना चाहता है. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख श्री सुनील लिंगवाल, कनिष्ठप्रमुख श्रीमती सम्पति देवी एवं विशिष्ट अतिथि श्री यादवेन्द्र सिंह चौहान (G 9संस्था के अध्यक्ष) के सम्मान के हुयी तत्पश्चात स्काई पब्लिक स्कूल पालीखाल केछात्र छात्राओं द्वारा ईश वंदना एवं महिला मंगल दल और लगभग 16 कीर्तन मंडलियोंद्वारा प्रतिस्प्रधात्मक रंगारंग प्रस्तुतियां पेश की गयी. सम्मलेन में उपस्थित हर नागरिक जोश से आशातीत होकर उत्तराखण्ड के भविष्यनिर्माण में सहभागिता के साथ अपनी जिम्मेवारियों के निर्वहन के लिए उत्सुकदिखाई पड़ता था. सरोकार अध्यक्ष श्री अनिल चंद ने अपने वक्तव्य में स्पष्ट कियाकि अब समय गंवाए विना हम सबको सम्यक विचारधारा से मिलकर उत्तराखण्ड विकास केलिए एकजुट होना होगा और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर अपना उत्तरदायित्वनिभाना होगा. श्री यादवेन्द्र सिंह चौहान (अध्यक्ष G 9 संस्था) जो शुरू सेस्थानीय ‘स्काई पब्लिक स्कूल’ की हर तरह से मदद करते आये हैं उन्ही केपदचिन्हों पर चलकर आगे की कक्षाओं के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास मेंयोगदान के लिए श्री अनिल चंद ने अपनी प्रतिबद्धता भी जताई ताकि विद्यार्थियोंको आगे की शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े और सक्षम प्रदेश वासियों तथा प्रवासीउत्तराखंडियों का आवाहन किया कि वे भी “सरोकार” से जुड़ें और उत्तराखण्ड केभविष्य निर्माण में सहभागी बनें.ब्लॉक प्रमुख श्री सुनील लिंगवाल ने अपने संभाषण में क्षेत्र में व्याप्तसमस्याओं के निराकरण के लिए हर प्रकार सहयोग का आश्वासन दिया एवं सभा के समापनपर कीर्तन मंडलियों को यथायोग्य “सरोकार” पारितोषिक भी भेंट किये.